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BSF की पूरी जानकारी हिंदी में | BSF Full Form in Hindi

BSF का फूल फॉर्म(BSF Full Form)

BSF Full Form: BSF की फुल फॉर्म “Border Security Force” होता है, जिसे हिंदी भाषा में “सीमा सुरक्षा बल” के नाम से सम्बोधित करते हैं। इसको भारत का प्रमुख Paramilitary force माना जाता है। BSF इंटरनेशनल बॉर्डर की निगरानी करती है और भारतीय सीमा की सुरक्षा का काम भी BSF द्वारा ही किया जाता है।

सीमा सुरक्षा बल की भूमिका

भारतीय सीमाओं की सुरक्षा और उससे जुड़े मामलों को हल करना।

सीमा सुरक्षा बल (BSF) का कर्तव्य

सीमा सुरक्षा बल के कार्यों को 2 भागों में विभाजित किया गया है -:

1. शान्ति काल में -:

  • सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा की भावना को बढावा देना।
  • सीमा के आर-पार अपराधों की रोकथाम तथा भारतीय क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेष एवं निकासी को प्रतिबंधित करना।
  • तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम। पिछले कुछ वर्षाें से सीमा सुरक्षा बल को अपनी ड्यूटी के अलावा , विद्रोह रोधी और आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए भी तैनात किया गया है।

2. युद्ध की स्थिति में -:

  • कम खतरे वाले क्षेत्रों में ड़टे रहना है जब तक कि मुख्य हमला एक विशेष क्षेत्र में विकसित नहीं होता है और यह महसूस किया जाता है कि स्थानीय स्थिति से निपटने के लिए सीमा सुरक्षा बल सक्षम है।
  • सेना को आक्रामक कार्याें के लिए मुक्त करने के लिए युद्ध की स्थिति में भी सीमा सुरक्षा बल की यूनिटों को विशेष क्षेत्र में तैनात किया जा सकता है।
  • यहां तक कि अगर बड़ा हमला होने का अंदेशा है और सीमा सुरक्षा बल इस तरह के हमले से निपटने में सक्षम नहीं है तो सेना से यह उम्मीद की जा सकती है कि वह सीमा सुरक्षा बल को तोपखाने या अन्य सहायता देकर मजबूत करे या सीमा सुरक्षा बल को उस क्षेत्र से हटाकर उसकी भूमिका से राहत दे।

सीमा सुरक्षा बल का इतिहास

सन 1965 तक पाकिस्तान के साथ भारत की सीमाओं की सुरक्षा राज्य सशस्त्र पुलिस बटालियन द्वारा की जाती थी। पाकिस्तान ने कच्छ में 09 अप्रैल 1965 को सरदार पोस्ट, चार बेट एवं बरिया बेट पर हमला किया। इस हमले से यह बात सामने आई कि राज्य सशस्त्र पुलिस बटालियन सशस्त्र आक्रमण का सामना करने में अपर्याप्त है जिसके कारण भारत सरकार को केंद्र के अधीन एक विशेष सीमा सुरक्षा बल की जरूरत महसूस हुई जो सशस्त्र और प्रशिक्षित बल होगा और पाकिस्तान सीमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी करेगा। सचिवों की समिति की सिफारिशों के परिणामस्वरूप, सीमा सुरक्षा बल 1 दिसम्बर 1965 को अस्तित्व में आया और श्री के एफ रूस्तमजी इसके पहले प्रमुख और संस्थापक थे। 1965 में कुल 25 बटालियन के साथ सीमा सुरक्षा बल का गठन हुआ और समय के साथ पंजाब, जम्मू व कश्मीर, नार्थ ईस्ट में आतंकवाद की रोकथाम के लिए सीमा सुरक्षा बल का विस्तार होता रहा । वर्तमान समय में सीमा सुरक्षा बल की 192 बटालियन (03 एन.डी.आर.एफ बटालियन सहित ) और 07 आर्टी रेजिमेंट भारत- पाकिस्तान और भारत – बंगलादेश की अन्तराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात है। इसके अतिरिक्त सीमा सुरक्षा बल कश्मीर घाटी में घुसपैठ, नार्थ ईस्ट क्षेत्र में आन्तरिक सुरक्षा, उडीसा एवं छत्तीसगढ में नक्सली विरोधी अभियान और भारत – पाकिस्तान एवं भारत – बंगलादेश अन्तराष्ट्रीय सीमा पर एकीकृत जांच चौकी में तैनात है।

सीमा सुरक्षा बल में अन्य विभाग

  1. बीएसएफ एयर विंग
  2. वाटर विंग
  3. टियर स्मोक यूनिट
  4. अश्वारोहण

बीएसएफ एयर विंग

  • गृह मंत्रालय के मंत्रियों, संघ के गृह सचिव, केन्द्रीय सशत्र बलों के महानिदेशक और गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव से वरिष्ठ अन्य अधिकारियों के शासकीय दौरे।
  • केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की संक्रियात्मक गतिविधियों के अंतर्गत संबंधित केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के निदशक (चिकित्सा) के विस्तृत सिफारिश पर दूरदराज क्षेत्र में स्थित सीमा चैकीयों में हवाई मार्ग से राशन एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराना, आंतरिक सुरक्षा के रखरखाव के लिए कार्मिकों को हवाई मार्ग से एयर लिफ्ट करना, कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, युद्ध में गंभीर रूप से घायल केन्द्रीय सश्स्त्र पुलिस बलों के कार्मिकों की हवाई मार्ग से निकासी करना, गंभीर रूप से बीमार केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कार्मिकों को हवाई मार्ग से निकासी आदि सम्मिलित है।
  • एक्शन/ड्यूटी में शहीद हुए केन्द्रीय सशस्त्र बलों के पार्थिव शरीर की एयरलिफ्टिंग।
  • आपदा प्रबंधन के लिए संक्रियात्मक प्रतिबद्धताएं जैसे कि राहत सामग्री पहुंचाना, राहत दल ले जाना और प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से आने वाले तीव्र संकट के समय में प्रभावित/असहाय व्यक्तियों की सहायता/निकासी।
  • भारतीय शिष्ट मंडल /गृह मंत्रालय के शिष्ट मंडल के दूसरे देशो के सरकारी दौरे।
  • आवश्यकता पड़ने पर वायु परिसम्पत्तियों को मुख्य मरम्मत और रखरखाव के लिए दूसरे देशों को ले जाना।
  • गृह मंत्रालय द्वारा अधिकृत किए गए किसी कार्मिक को ले जाने अथवा सर्वेक्षणए संचार परीक्षणए सुरक्षा के उद्देश्य इत्यादि के लिए उड़ान इत्यादि सहित गृह मंत्रालय द्वारा सौंपी गई अन्य जिम्मेवारी निभाने के लिए।
  • समय समय पर गृह मंत्री/गृह सचिव द्वारा सौंपे गए अन्य कार्या के निष्पादन हेतु।

BSF के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

  • वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान, सीमा सुरक्षा बल पर्वतों की चोटियों पर आर्मी के साथ सामंजस्य बिठाते हुए देश की सुरक्षा में तैनात रही।
  • सीमा सुरक्षा बल प्रत्येक वर्ष यू.एन. मिशन में अपने कार्मिकों को भेजकर इस अभियान में सहयोग करती है।
  • सीमा सुरक्षा बल के कार्मिक विगत 10 वर्षो से मणिपुर में आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हैं तथा इन क्षेत्रों में अलगाववाद के विरूद्ध सफलतापूर्वक कार्रवाई कर रहे है।
  • सीमा सुरक्षा बल विगत दस वर्षो से छत्तीसगढ एवं उडीसा में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात है एवं सफलतापूर्वक इस क्षेत्रों को नक्सलियों की गिरफ्त से आजाद किया जा रहा है।
  • 26 जनवरी 2001 को गुजरात में आये भूकंप के दौरान सीमा सुरक्षा ने सबसे पहले पहुॅच कर व्यथित लोगों की सहायता की थी।
  • सीमा सुरक्षा बल प्रसिद्ध करतारपुर कोरिडोर पर सुरक्षा कार्य देख रही है।
  • सीमा सुरक्षा बल विभिन्न आई.सी.पी. व एल.सी.एस. पर मुस्तैदी से तैनात है।
  • प्राकृतिक आपदाओं के समय सीमा सुरक्षा बल अपने तैनाती के इलाकों में सहायता उपलब्ध कराती है जैसे कि कश्मीर बाढ 2014, केरला बाढ 2018 एव केदारनाथ त्रास्दी 2013।
  • पाकिस्तान द्वारा हमारी योजना को विफल करने के लाख प्रयासों के बावजूद, सीमा सुरक्षा बल ने जम्मू एवं कष्मीर में सीमा पर तारबंदी लगाने का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
  • सीमा सुरक्षा बल आर्मी के साथ सीमाओं की सुरक्षा करते हुए, पाकिस्तान के वर्तमान रूखे व्यवहार के दौरान, सीमा पर घुसपैठ को रोकने का कार्य करती है।
  • सीमा सुरक्षा बल ने कोविड महामारी के समय सीमा पर रहने वाले लोगों को जागरूक किया व उन्हें सिविक एक्सन प्रोग्राम के तहत जरूरी सहायता प्रदान की।

BSF में नौकरी कैसे पाएं

BSF में शामिल होने के लिए बीएसएफ द्वारा कुछ पात्रता निर्धारित किया गया है जो नीचे हमनें आपके साथ साझा किया है। यदि उम्मीदवार के पास यह सभी योग्यताएं हैं तो वह भी BSF में नौकरी पाने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए बीएसएफ के ऑफिशियल वेबसाइट https://rectt.bsf.gov.in/ पर समय-समय नोटिफिकेशन जारी किया जाता है जिसके माध्यम से आप बीएसएफ में शामिल होकर अपने सपने को साकार कर सकते हैं। इसमें पदों के अनुसार शैक्षिक योग्यता, आयु सीमा, ऊंचाई, छाती अलग-अलग हो सकते हैं।

  • जो उम्मीदवार बीएसएफ में नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं वह भारत के नागरिक होने चाहिए।
  • जो उम्मीदवार बीएसएफ में नौकरी पाना चाहते हैं वह शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होने चाहिए।
  • जो उम्मीदवार बीएसएफ में शामिल होना चाहते हैं उन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, पदों के अनुसार अधिकतम आयु अलग-अलग है इसके अलावा आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को कुछ साल की छूट दी गई है।
  • बीएसएफ में नौकरी करने की इच्छुक उम्मीदवार कम से कम 10 वीं कक्षा पास होने चाहिए इसमें विभिन्न पदों के अनुसार अलग-अलग शिक्षा की आवश्यकता होती है।
  • ऊंचाई-: महिलाओं के लिए 157 सेमी और पुरुषों के लिए 170 सेमी है, यहां विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग ऊंचाई की आवश्यकता होती है इसके अलावा इसमें आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को कुछ सेमी. की छूट दी गई है।
  • छाती का आकार-: बिना पुलाव 80 सेमी और फुलाने के पश्चात 85 सेमी होना चाहिए, यहां विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग छाती के आकार की आवश्यकता होती है।
  • आंखों की रोशनी-: चश्मे के बिना दोनों आंखों के न्यूनतम दूर दृष्टि लगभग 6/6 और 6/9 होने चाहिए।

बीएसएफ में जाने के लिए आपको पता होना चाहिए की इसमें कौन-कौन सी पोस्ट होती है, आप किस पोस्ट पर जा सकते है।

सामान्य ड्यूटी संवर्ग(General Duty Cadre)

  • सिपाही(Constable)
  • अवर निरीक्षक(Sub-Inspector)
  • संचार सेट-अप(Communication Set-up)

सहायक कमांडेंट(Assistant Commandant)

  • सहायक उप निरीक्षक ((रेडियो ऑपरेटर)(Assistant Sub Inspector (Radio Operator))

हेड कांस्टेबल(Head Constable)

  • हेड कांस्टेबल (फिटर)(Head Constable (Fitter))
  • हेड कांस्टेबल (ऑपरेटर)(Head Constable (Operator))
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